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Astrology and You

Astrology is not merely acknowledged as prophecy anymore but an esoteric language of ancient science. Purely mathematical calculations of celestial positions and their influence on our world that can help us to expand our vision and senses to better connect with the supreme cosmic energies that dwell in this vast multi-verse.This profound education has been a part of Indian heritage since forever. It was being utilized in identifying directions in several phases of life great personalities, and is still been nurtured by many aficionados who are pursuing it as a profession and educating others about the same.

About

know about Astrolok

We at Astrolok, pledge to teach diligent aspirers about the depths of studying celestial positions and energies that once was a very popular academic part in many civilizations. Hence, in lead up to this, we stepped in the educational process with our own institute, where we can impart this incredible knowledge of self-discovery with our students who ultimately can help many others in rising above their problems and lead a life of contentment through effective techniques.

Astrolok is been serving as a multi-purpose platform for budding astrologers, wherein its not just the education we impart with them but also provide them with a room for being a part of our expert clan. This will help them to give a kick-start to their career as an astrologer.

Daily Horoscope

Get forecasts of daily horoscope according to your birth astrological signs governed by their respective ruling planets.

Taurus (Vrushabh)

आज के दिन दैनिक कार्यो के अलावा धार्मिक कार्यो के लिये भी समय निकालेंगे परोपकार की भावना दिखावे की रहेगी दान पुण्य मतलब के लिये ही करेंगे। व्यवहारिक जगत के लिये आज आप नकारा ही सिद्ध होंगे। अपना कार्य साधने के लिये मीठे बनेंगे परन्तु किसी और का कार्य करने में क्रोध आएगा। कार्य-व्यवसाय से आज लाभ की उम्मीद अधिक रहेगी धन लाभ होगा भी आशाजनक लेकिन असमय होने उत्साहित नही करेगा। नौकरी वाले लोग जदबाजी में कुछ ना कुछ गड़बड़ करेंगे जिसके उजागर होने पर आलोचना होगी। पारिवारिक वातावरण गरिमामय रहेगा लेकिन परिजनों मन ही मन कुछ ना कुछ उधेड़ बुन में रहेंगे। घरेलू कार्यो की टालमटोल से बचे कलह हो सकती है। सेहत थकान को छोड़ सामान्य रहेगी।

Gemini (Mithun)

आज का दिन उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। दिन के आरंभ से ही शारीरिक शिथिलता सभी कार्यो में बाधा डालेगी फिर भी जबरदस्ती करना बाद में महंगा पड़ेगा। शारीरिक रूप से आज कुछ ना कुछ परेशानी लगी रहेगी मन अनर्गल प्रवृतियों में भटकेगा। घर अथवा व्यावसायिक कार्यो के प्रति लापरवाही करेंगे लेकिन फिर भी मनोरंजन की योजना बनायेगें। कार्य व्यवसाय से लाभ निश्चित होगा लेकिन किसी के सहयोग से ही। महिलाये भी आरोग्य में कमी रहने के कारण धीमी गति से कार्य करेंगी घर का वातावरण अस्त-व्यस्त रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन आशाजनक नही रहेगा फिर भी कर्म की तुलना में अधिक ही होगा। परिवार के सदस्य झुंझलाहट में बेवजह ही एक दूसरे से उलझेंगे। यात्रा टालें।

Cancer (Karka)

आज का दिन पिछले दिन की तुलना में बेहतर रहेगा लेकिन फिर भी आज दिमाग से सभी प्रकार के डर को दूर करके ही लाभ पाया जा सकता है। दिन के आरंभ से मानसिक रूप से हल्कापन अनुभव करेंगे मन मे विचित्र ख्याल चलते रहेंगे। व्यवसायी वर्ग आज जल्दी ही अपने कामो में जुट जाएंगे इसके विपरीत नौकरी वाले लोग पहले विलम्ब करेंगे बाद में कार्य खत्म करने की जल्दी रहेगी। काम-धंधा मध्यान बाद से गति पकड़ेगा आज कोई बड़ा निर्णय ना ही ले तो बेहतर रहेगा। बचकानी हरकतों से आस-पास का माहौल हास्यप्रद बनाएंगे परिवार में धन अथवा अन्य कारण चिता का विषय रहेंगे। संध्या बाद यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी। सेहत में सुधार अनुभव होगा।

Leo (Sinh)

आज का दिन वृद्धिकारक रहेगा। जिस कार्य से कोई आशा नही रहेगी वहां से भी कुछ ना कुछ लाभ ही होगा। अकस्मात लघु यात्रा आने से दैनिक कार्यो में फेरबदल करना पड़ेगा। आलस्य से आज बचें एक बार किसी कार्य मे विलम्ब हुआ तो रात्रि तक यही क्रम जारी रहेगा। मध्यान बाद व्यस्तता बढ़ेगी व्यवसाय में अकस्मात उछाल आएगा लेकिन इसके अनुरूप आपकी तैयारी नही होने पर खासी मशक्कत करनी पडेगी फिर भी धन की आमद एक से अधिक मार्ग से होगी आर्थिक दृष्टिकोण से भविष्य के प्रति आज निश्चिन्त रहेंगे लेकिन घर मे किसी ना किसी से कलह होकर ही रहेगी। स्वास्थ्य मानसिक दुविधा के कारण सर दर्द अथवा अन्य छोटी मोटी परेशानी आ सकती है।

Virgo (Kanya)

आज आप स्वभाव से विवेक का परिचय देंगे इसके विपरीत घर का वातावरण बेवजह के झमेलों में डालेगा जिस कारण बाहर समय बिताना अच्छा लगेगा। दैनिक कार्य आज व्यवस्थित रहेंगे अधिक से अधिक धन कमाने की मानसिकता चैन से बैठने नही देगी। कार्य क्षेत्र पर अन्य दिनों की तुलना में ज्यादा व्यस्त रहेंगे फिर भी इसका लाभ आशाजनक नही मिलेगा। आज आप अनैतिक कार्यो से स्वयं ही दूरी बनाकर रहेंगे फिर भी प्रलोभन से स्वयं को बचाना बड़ी चुनौती रहेगी। धन की आमद अन्य दिनों की अपेक्षा सुधरेगी लेकिन घर मे फरमाइशें की सूची भी लंबी रहने के कारण तुरंत निकल जायेगा। सामाजिक कार्यो के प्रति उदासीनता व्यवहारिक जगत से दूरी बढ़ाएगी। स्वयं अथवा परिजन के स्वास्थ्य के ऊपर भी खर्च करना पड़ेगा।

Libra (Tula)

आज का दिन अशुभ फलदायी रहेगा। घर एवं बाहर की परिस्थितियां पल पल पर क्रोध दिलाएंगी इसलिये आज आपको अधिक से अधिक मौन रहने की सलाह है। कार्य क्षेत्र पर भी सहकर्मी अथवा किसी बाहरी व्यक्ति से तालमेल बिगड़ेगा आपको उनका एवं उनको आपका व्यवहार उद्दंड लगेगा जिससे कलह बढ़ेगी। गलती करने पर मान लें अन्यथा परेशानी बढ़ सकती है। आर्थिक रूप से भी दिन उतार चढ़ाव वाला रहेगा जिस लाभ के आप अधिकारी है उसे कोई अन्य ले जाएगा अथवा बहुत कम होने पर निराश होंगे। व्यवसायी वर्ग तगादा करते समय विनम्र रहें अन्यथा गरमा गर्मी में धन डूब सकता है। मन आज वर्जित और असंवैधानिक कार्यो में शीघ्र आकर्षित होगा। महिलाए घर का वातावरण जितना सुधारने का प्रयास करेंगी उतना अधिक बिगड़ेगा। सेहत में नई समस्या बनेगी।

Scorpio (Vrushchik)

आज का दिन सामाजिक एवं राजकीय कार्य के लिये अनुकूल है धन के साथ पद प्रतिष्ठा का भी लाभ मिलेगा। समाज के उच्चवर्गीय लोगो से जान पहचान होगी परन्तु इनसे तुरंत लाभ उठाने का प्रयास ना करें अन्यथा संबंधों में तुरंत खटास भी आ सकती है। सार्वजिक क्षेत्र पर आवश्यकता पड़ने पर ही बोले जल्दबाजी में कुछ अप्रिय बयानबाजी कर देंगे जिससे व्यक्तित्व में कमी आ सकती है। व्यवसायी वर्ग धन कमाने के चक्कर मे जल्दबाजी करेंगे परन्तु ध्यान रहे प्रतिस्पर्धा होने के बाद भी आज धैर्य रखने का परिणाम बाद में अवश्य ही लाभ दिलाएगा। धन की आमद संतोषजनक रहेगी खर्च करने में पीछे नही हटेंगे। घर का वातावरण गलतफहमी के कारण कुछ समय के लिये अशान्त बनेगा। जोड़ो अथवा मासपेशी संबंधित समस्या बन सकती है। यात्रा लाभदायक रहेगी।

Sagittarius (Dhanu)

आज के दिन परिस्थितियां विपरीत बनेगी पूर्व में बनाई योजना परिस्थिति वश अंत समय मे बदलनी पड़ेगी। जिस कार्य ने लाभ देख रहे थे वहां से लाभ तो होगा लेकिन आशा से बहुत कम। व्यवसायी वर्ग धन अथवा महंगी वस्तुओ संबंधित कार्य विचार कर ही करें हानि की संभावना आज अधिक है। धन के फंसने पर आगे के कार्य प्रभावित होंगे। नौकरी वाले जातक विषम परिस्थितियों में भी निश्चिन्त रहेंगे लेकिन घर के वातावरण में कुछ ना कुछ उथल-पुथल लगी रहेगी। धन की आमद प्रयास करने पर हो जाएगी लेकिन आवश्यकता की तुलना में कम रहेगी। महिला वर्ग भावुक कर खर्चा करवाएगी कर्ज बढ़ने के आसार है खर्च आज सोच समझ कर ही करे। सेहत में नया विकार आएगा।

Capricorn (Makar)

आज का दिन यादगार रहेगा। कई दिनों से मन में चल रही कामना की पूर्ति आज होने से अकस्मात खुशी मिलेगी। कार्य व्यवसाय में भी उन्नति के योग है जिस किसी कार्य को करेंगे उसमें स्वयं के बल पर ही सफलता पा लेंगे भागीदारी के कार्यो में बड़े निर्णय लेने से आज बचें अन्यथा तालमेल की कमी के कारण आपस मे फुट पड़ सकती है। महिलाए भ्रामक खबरों पर यकीन ना करें वरना घर का सुरम्य वातावरण छोटी सी गलतफहमी के कारण लंबे समय के लिये अशान्त बनेगा। धन की आमद सही समय पर होगी फिर भी आज संतोष की कमी रहने पर कुछ ना कुछ अभाव अनुभव करेंगे। व्यवहारिक संबंधों को छोड़ अन्य सभी कार्य में विजय मिलेगी। सेहत उत्तम रहेगी।

Aquarius (Kumbha)

आज का दिन धैर्य से बिताने में ही भलाई है। मेहनत करने पर तुरंत लाभ की आशा ना रखें आज किया परिश्रम का फल संध्या बाद से दिखने लगेगा लेकिन प्राप्ति में अड़चनें आएंगी आज की तुलना में कल दिन ज्यादा बेहतर रहेगा। आज केवल आश्वासनो से ही काम चलाना पड़ेगा। मध्यान तक का समय कार्य व्यवसाय के लिये उतार चढ़ाव वाला रहेगा इसके बाद परिस्थिति से समझौता कर लेंगे स्वभाव में संतोष बनेगा। धन अथवा अन्य किसी भी प्रकार के वादे ना करें पूरे नही कर पाएंगे उलटे आलोचना ही होगी। घर का कोई सदस्य जिद पर अड़ेगा जिससे कुछ समय के लिये शांति भंग होगी। महिलाए अपने कार्य छोड़ अन्य के कार्य मे मीन मेख निकालेंगी यह झगड़े का कारण बनेगा। बदन दर्द स्नायु तंत्र में दुर्बलता रहेगी।

Pisces (Meen)

आज का दिन कार्य सिद्धि वाला रहेगा जिस भी कार्य को करेंगे उसमे परिस्थितियां स्वतः ही अनुकूल बनने लगेंगी आवश्यकता के समय सहयोग भी आसानी से मिल जाएगा। अधिकांश कार्य सही दिशा और भाग्य का साथ मिलने से समय पर पूर्ण होंगे। कारोबारी लोग आज किया निवेश का लाभ निकट भविष्य में उठाएंगे फिर भी ज्यादा जोखिम ना लें। नौकरी वाले जातक आज अतिरिक्त कार्य आने पर असहज अनुभव करेंगे सहयोग भी कम मिलेगा फिर भी अपने पराक्रम से थोडे विलम्ब से विजय पा लेंगे। धन की आमद दोपहर बाद निश्चित होगी अतिरिक्त खर्च भी होंगे। गृहस्थ का माहौल पल-पल में बदलने से तालमेल बैठाने में परेशानी होगी। परिजनों के लिये समय निकालें अन्यथा मतभेद हो सकते है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

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Do you know about Credit Astrology ???

vastu
Today we will talk about HOW TO RECEIVE OR PAY LOAN / DEBT / FINANCE

Debt is what we need for future products to make good his or her financial goal.

For this, we should concentrate on the main house of loan i.e. 6th house and its dasha and sub Period.
Whenever in the chart 6th house signifies any manner 2, 6, 10 or 11, then we can say that in the dba of it someone can get debt by opposite side i.e. bank or lender or Debtor.

And when 5 csl signifies 4, 5, 8, 12 we can pay our debt to opposite party. This is the main point, if anyone wish to take or pay his debt ,they can get chart analysed by an astrologer.

Remember that Borrower and Banker  should never lend or borrow or disbursement of loan on Sun /Moon eclipse days because it threatens danger to both the borrower and the banker.
 
Must follow !!!

1 Borrower should clear off loans on Tuesday 

2 Banker should never take installment or closure of loan amount on Wednesday

3 Banker should never disburse the loan on Thursday .

4. Banker should demand the amount to close the loan or debt on Tuesday from his Borrower.
Regards 
Avinash 
M/W 9801803610

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कैसे करे बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन ??

vastu
सरस्वती को साहित्य, संगीत, कला की देवी माना जाता है। उसमें विचारणा, भावना एवं संवेदना का त्रिविध समन्वय है। वीणा संगीत की, पुस्तक विचारणा की और मयूर वाहन कला की अभिव्यक्ति है। लोक चर्चा में सरस्वती को शिक्षा की देवी माना गया है। शिक्षा संस्थाओं में वसंत पंचमी को सरस्वती का जन्म दिन समारोह पूर्वक मनाया जाता है। पशु को मनुष्य बनाने का - अंधे को नेत्र मिलने का श्रेय शिक्षा को दिया जाता है। मनन से मनुष्य बनता है। मनन बुद्धि का विषय है। भौतिक प्रगति का श्रेय बुद्धि-वर्चस् को दिया जाना और उसे सरस्वती का अनुग्रह माना जाना उचित भी है। इस उपलब्धि के बिना मनुष्य को नर-वानरों की तरह वनमानुष जैसा जीवन बिताना पड़ता है। शिक्षा की गरिमा-बौद्धिक विकास की आवश्यकता जन-जन को समझाने के लिए सरस्वती पूजा की परम्परा है। इसे प्रकारान्तर से गायत्री महाशक्ति के अंतगर्त बुद्धि पक्ष की आराधना कहना चाहिए।

सरस्वती हिन्दू धर्म की प्रमुख देवियों में से एक हैं। वे ब्रह्मा की मानसपुत्री हैं जो विद्या की अधिष्ठात्री देवी मानी गई हैं। इनका नामांतर 'शतरूपा' भी है। इसके अन्य पर्याय हैं, वाणी, वाग्देवी, भारती, शारदा, वागेश्वरी इत्यादि। ये शुक्लवर्ण, श्वेत वस्त्रधारिणी, वीणावादनतत्परा तथा श्वेतपद्मासना कही गई हैं। इनकी उपासना करने से मूर्ख भी विद्वान् बन सकता है। माघ शुक्ल पंचमी को इनकी पूजा की परिपाटी चली आ रही है। देवी भागवत के अनुसार ये ब्रह्मा की स्त्री हैं।
सरस्वती --विद्या, संगीत, कला की देवी

मंत्र --ॐ एं सरस्वत्यै नमः
अस्त्र --वीणा, जपमाला
माता-पिता --ब्रह्मा (father)
सवारी --हंस, मोर..

सरस्वती माँ के अन्य नामों में शारदा, शतरूपा, वीणावादिनी, वीणापाणि, वाग्देवी, वागेश्वरी, भारती आदि कई नामों से जाना जाता है। 

कब मनेगी 2019 में बसन्त पंचमी--

इस वर्ष 2019 में बसंत पंचमी की तिथि को लेकर उलझन की स्थिति है। पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि पंचमी तिथि 2 दिन लग रही है। देश के कुछ भागों में चतुर्थी तिथि 9 तारीख को दोपहर से पहले ही समाप्त हो जा रही है और पंचमी तिथि शुरू हो रही है और 10 तारीख को पंचमी तिथि 2 बजकर 9 मिनट तक है। ऐसे में सरस्वती पूजन किस दिन करना शुभ रहेगा जानिए क्या कहते हैं शास्त्र।

कहां किस दिन सरस्वती पूजा?

पंजाब, जम्मू, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मां सरस्वती पूजा का पर्व 9 फरवरी को मनाया जाना शास्त्र सम्मत होगा क्योंकि इन क्षेत्रों में 9 तारीख को दोपहर से पहले ही पंचमी तिथि लग जाएगी। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के अन्य हिस्सों में यह पर्व 10 फरवरी को मनाया जाएगा। इसकी वजह यह है कि यहां 9 तारीख को दोपहर के बाद पंचमी तिथि लगेगी इसलिए 10 तारीख को सरस्वती पूजन करना शास्त्र सम्मत होगा।


बसंत पंचमी पूजा मुहूर्त: सुबह 6.40 बजे से दोपहर 12.12 बजे तक

पंचमी तिथि प्रारंभ: मघ शुक्ल पंचमी शनिवार 9 फरवरी की दोपहर 12.25 बजे से शुरू  

पंचमी तिथि समाप्त: रविवार 10 फरवरी को दोपहर 2.08 बजे तक 


बसंत पंचमी यानी माघ शुक्ल पंचमी तिथि को ज्ञान और वाणी की देवी सरस्वती की पूजा का विधान है। इसलिए हर साल इस दिन पंडालों और घरों में देवी सरस्वती की प्रतिमा और तस्वीर को रखकर पूजा की जाती है।
इस परंपरा की शुरुआत कैसे हुई इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। सृष्टि की रचना के समय ब्रह्मा ने जीव-जंतुओं और मनुष्यों उत्पन्न किया और इन्हें देखकर बहुत प्रसन्न हुए। लेकिन कुछ पल में उन्हें ऐसा लगने लगा कि उनकी सृष्टि मूक है, इनमें जीवित होने का अहसास ही नहीं है। इसके बाद ब्रह्माजी ने भगवान शिव से अपनी समस्या बताई। शिवजी के कहने पर ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का जिससे चार हाथों वाली एक सुंदर स्त्री प्रकट हुईं।

उस स्त्री के एक हाथ में वीणा थी और दूसरा हाथ वरमुद्रा में था। बाकी दोनों हाथों में पुस्तक और माला थी। ब्रह्माजी ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा का मधुरनाद किया संसार के समस्त जीव-जंतुओं को वाणी मिल गई। जलधारा से कलकल का स्वर फूटने लगा। हवा सरसर की अावज से बहने लगी।

तब ब्रह्माजी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा। देवी सरस्वती को वागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादनी, वीणापाणी और वाग्देवी समेत कई नामों से देवताओं और ऋषियों ने नमस्कार और पूजन किया। ब्रह्माजी ने देवी सरस्वती को वसंत पंचमी के दिन ही प्रकट किया था इसलिए इस दिन को देवी सरस्वती के जन्मोत्सव और पूजन दिवस के रूप में मनाया जाता है।


सरस्वती पूजन में रखें इन बातों का ध्यान--

देवी सरस्वती ज्ञान और आत्मिक शांति की प्रतीक हैं। इनकी प्रसन्नता के लिए पूजा में सफेद और पीले रंग के फूलों और वस्त्रों का प्रयोग करना चाहिए। ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि देवी सरस्वती को प्रसाद स्वरूप बूंदी, बेर, चूरमा, चावल का खीर भोग लगाना चाहिए। इस दिन से बसंत का आगमन हो जाता है इसलिए देवी को गुलाब अर्पित करना चाहिए और गुलाल से एक-दूसरे को टीका लगाना चाहिए।


जानिए क्‍यों की जाती है सरस्‍वती और कामदेव की पूजा बसन्त पंचमी पर।।
मंत्र, शुभ मुहूर्त और महत्‍व 
किसानों के लिए इस त्‍योहार का विशेष महत्‍व है. 

बसंत पंचमी पर सरसों के खेत लहलहा उठते हैं. चना, जौ, ज्‍वार और गेहूं की बालियां ख‍िलने लगती हैं. इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है. यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है. इस दौरान मौसम सुहाना हो जाता है और पेड़-पौधों में नए फल-फूल पल्‍लवित होने लगते हैं. इस दिन कई जगहों पर पतंगबाजी भी होती है। बसंत ऋतु में मौसम सुहाना हो जाता है और मान्‍यता है कि कामदेव पूरा माहौल रूमानी कर देते हैं. दरअसल, पौराण‍िक मान्‍यताओं के अनुसार बसंत कामदेव के मित्र हैं, इसलिए कामदेव का धनुष फूलों का बना हुआ है. जब कामदेव कमान से तीर छोड़ते हैं तो उसकी आवाज नहीं होती है. इनके बाणों का कोई कवच नहीं है. बसंत ऋतु को प्रेम की ऋतु माना जाता है. इसमें फूलों के बाणों को खाकर दिल प्रेम से सराबोर हो जाता है. इन कारणों से बसंत पंचमी के दिन कामदेव और उनकी पत्‍नी रति की पूजा की जाती है।


बाली द्वीप में सरस्वती की प्रतिमा--

कहते हैं कि महाकवि कालिदास, वरदराजाचार्य, वोपदेव आदि मंद बुद्धि के लोग सरस्वती उपासना के सहारे उच्च कोटि के विद्वान् बने थे। इसका सामान्य तात्पर्य तो इतना ही है कि ये लोग अधिक मनोयोग एवं उत्साह के साथ अध्ययन में रुचिपूवर्क संलग्न हो गए और अनुत्साह की मनःस्थिति में प्रसुप्त पड़े रहने वाली मस्तिष्कीय क्षमता को सुविकसित कर सकने में सफल हुए होंगे। इसका एक रहस्य यह भी हो सकता है कि कारणवश दुर्बलता की स्थिति में रह रहे बुद्धि-संस्थान को सजग-सक्षम बनाने के लिए वे उपाय-उपचार किए गए जिन्हें 'सरस्वती आराधना' कहा जाता है। उपासना की प्रक्रिया भाव-विज्ञान का महत्त्वपूर्ण अंग है। श्रद्धा और तन्मयता के समन्वय से की जाने वाली साधना-प्रक्रिया एक विशिष्ट शक्ति है। मनःशास्त्र के रहस्यों को जानने वाले स्वीकार करते हैं कि व्यायाम, अध्ययन, कला, अभ्यास की तरह साधना भी एक समर्थ प्रक्रिया है, जो चेतना क्षेत्र की अनेकानेक रहस्यमयी क्षमताओं को उभारने तथा बढ़ाने में पूणर्तया समर्थ है। सरस्वती उपासना के संबंध में भी यही बात है। उसे शास्त्रीय विधि से किया जाय तो वह अन्य मानसिक उपचारों की तुलना में बौद्धिक क्षमता विकसित करने में कम नहीं, अधिक ही सफल होती है।

मन्त्र जाप के फल -- मन्दबुद्धि लोगों के लिए गायत्री महाशक्ति का सरस्वती तत्त्व अधिक हितकर सिद्घ होता है। बौद्धिक क्षमता विकसित करने, चित्त की चंचलता एवं अस्वस्थता दूर करने के लिए सरस्वती साधना की विशेष उपयोगिता है। मस्तिष्क-तंत्र से संबंधित अनिद्रा, सिर दर्द्, तनाव, जुकाम जैसे रोगों में गायत्री के इस अंश-सरस्वती साधना का लाभ मिलता है। कल्पना शक्ति की कमी, समय पर उचित निणर्य न कर सकना, विस्मृति, प्रमाद, दीघर्सूत्रता, अरुचि जैसे कारणों से भी मनुष्य मानसिक दृष्टि से अपंग, असमर्थ जैसा बना रहता है और मूर्ख कहलाता है। उस अभाव को दूर करने के लिए सरस्वती साधना एक उपयोगी आध्यात्मिक उपचार है।

शिक्षा -- शिक्षा के प्रति जन-जन के मन-मन में अधिक उत्साह भरने-लौकिक अध्ययन और आत्मिक स्वाध्याय की उपयोगिता अधिक गम्भीरता पूवर्क समझने के लिए भी सरस्वती पूजन की परम्परा है। बुद्धिमत्ता को बहुमूल्य सम्पदा समझा जाय और उसके लिए धन कमाने, बल बढ़ाने, साधन जुटाने, मोद मनाने से भी अधिक ध्यान दिया जाय। इस लोकोपयोगी प्रेरणा को गायत्री महाशक्ति के अंतर्गत एक महत्त्वपूर्ण धारा सरस्वती की मानी गयी है और उससे लाभान्वित होने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। 

सरस्वती के स्वरूप एवं आसन आदि का संक्षिप्त तात्त्विक विवेचन इस तरह है-

स्वरूप --सरस्वती के एक मुख, चार हाथ हैं। मुस्कान से उल्लास, दो हाथों में वीणा-भाव संचार एवं कलात्मकता की प्रतीक है। पुस्तक से ज्ञान और माला से ईशनिष्ठा-सात्त्विकता का बोध होता है। वाहन मयूर-सौन्दर्य एवं मधुर स्वर का प्रतीक है। इनका वाहन हंस माना जाता है और इनके हाथों में वीणा, वेद और माला होती है। भारत में कोई भी शैक्षणिक कार्य के पहले इनकी पूजा की जाती हैं।

देवी सरस्वती वंदना--

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥2॥

जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली माँ सरस्वती हमारी रक्षा करें॥1॥

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Learn different aspects of Astrology - Astrology for Marriage

vastu
ASTROLOGY
Astrology is a very ancient study of stars and planets. It most probably was discovered in Mesopotamia. It was used by every ancient civilization, whether it was Egypt or Babylon. Ancient astrologers noticed that constellations always moved together.

They also noticed that five of the brightest stars moved by themselves. These five stars were named as wanderers. It was known much later that these five weren’t stars but planets. They were named Mercury, Venus, Mars, Jupiter and Saturn. In ancient times, these planets were revered as gods. The other planets were discovered much later.

Astrology for Marriage
It is very common to use astrology for marriage. The charts of the groom and the bride must match in order for the marriage to happen. By matching, it doesn’t mean that they have to match each other 100%. But there is a compatibility factor they should match up to. In India, almost no marriage is complete without matching the kundalis. It is given utmost importance and takes precedence over anything else. Astrology for marriage becomes very important when the girl or boy in question is manglik.

Astrology for Love
Just like marriage, compatibility between two partners is important before marriage also. Several people take to astrology to understand whether their partner is the “one”. Astrologers offer services suited to the demands of couples. They need details like zodiac sign, time of birth, date of birth for making an accurate prediction. Time of birth is very important as wrong time can change the whole nature of prediction. Several people who lack partners also take help of astrology. They want to know whether they will get married or whether it will happen at all.

Astrology for Cancer
Astrology can help with diagnosing cancer. Following are a few pointers as to how astrology helps with detecting cancer.

If you are connected with Ketu or Rahu in the eight, twelfth or ascendant, then there are chances of cancer.

If the lord of the sixth house is the same as Rahu or Ketu axis and is connected to the eight/twelfth house, then there are chances of cancer.

If Rahu is associated with Lagna, the sixth house or the Moon, then there is a chance of cancer.
The affliction of Cancer sign, on the Moon by the fourth house by Ketu or Rahu increases chances of breast cancer.

The planet Mars is a representative of red blood cells, the bone marrow and haemoglobin. The affliction of Mars by Saturn and Rahu/Ketu axis can increase chances of blood cancer.
If Rahu or Ketu is at the sixth house, then the person can get cancer.

The above sentences don’t mean that these conditions will always cause cancer. This means that there are increased chances of the same. And then there is always astrology waiting to help people get rid of these afflictions.

Astrology for Students

Students especially need astrology. It helps them with acing exams, with concentrating on their studies and achieving their goals. Several students wear rings and pendants given to them by astrologers. Wearing them increases your chances of success. The more rings you wear, the more chances of success. Astrology for exam results is becoming more and more popular with students worldwide.

Nowadays several services like exam horoscopes or astrology for education are easily available online. Many students take advantage of these and get to know about their year beforehand. This doesn’t mean that they know exactly what will happen. But they do get a good idea about what is coming.

Astrology for Business Success

Just like students, businessmen also take to astrology for succeeding. Many of them don’t make any decision before consulting an astrologer. Some of them change names and prefer certain numbers over others for increasing chances of success. There are several astrological combinations for conducting successful business. For getting success in any job or any business, you need blessings of the 11th house. Similarly, 3rd house is very important for making new initiatives. The most important one is the 10th house. It is important for the career growth of a person.

Astrology for Career
Career readings for individual signs are easily available on the internet. However, for personalized and accurate predictions, you need the services of an astrologer. If you are in the middle of a job crisis, you need an astrologer. He or she will work on the 6th and 10th houses of your chart. You need the blessings of these two houses for making it work. Some zodiac signs are creative, whereas some others are financially inclined. You should ideally go for a career which is more suited for your zodiac sign. A good astrologer can help you with doing the same.

Astrology for Child
Astrologers can predict the time of birth of your child and even date. They can prepare birth charts and pave the way ahead for the child. If you are facing problems with childbirth, then also astrologers can help you. Child astrology essentially helps you with understanding your own child.

Children are seen from the 5th house of their chart. For example, if your zodiac sign is Taurus, then your ruling planet is Mercury. This information helps you with better parenting. When you get to know about the obstacles they are going to face, it becomes easier to prevent them. Several parents are taking to consulting astrologers for this purpose.

Astrology Expert
A good astrology expert is essential for leading a relatively healthy life. It helps to know what is coming ahead. Your birth chart gives you a very good idea about what is lying ahead. It tells you what type of job you should go for, when is a good time to get married. It can also tell you whether you will excel at academics or not. Make an appointment today and go for it. A good astrologer can not only give you assurance and remove obstacles, but they will also give you astrology gemstones for increased chances of success. So don’t waste time and go for it today.

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Rahu:The Demon with a Difference - Part-2

vastu

In continuation from part 1

Rahu MD prepares the native for life.

Rahu being an airy planet increases Vaat in the body and if other combinations favours the native becomes overweight with an ugly protruding belly. Hence, to control weight and also to consume the amplified energy(cases where mars + rahu is present) native should follow a balanced diet and regularly practise yoga/exercise.

Native who develop a healthy lifestyle during Rahu periods, is benefitted for life. Another common problem with Rahu is depression. Scientifically depression arises when a person develops a habit of over thinking and becomes self centered. Both things are related to Rahu. Rahu periods make the natives fickle minded specially if rahu and moon are in aspects or in conjunction. The native unable to solve the problems arising or totally isolated or scared of the outcome of the past actions becomes a victim of over thinking and over analysing even the simplest things.

The native develops a tendency to imagine scenarios which are totally utopian. Rahu being the signifactor of darkness, steers the native to look at the "dark side" of everything, turning the native into a hardcore pessimist. Another reason of depression is that in today's world a huge amount of information is available on internet. Internet is ruled by Rahu hence the native keeps on bombarding his/her brain with unnecessary data which ultimately leads to over thinking. The second reason for depression is being self centered or rather being self obsessed.

Rahu as already said leads the person into isolation or he/she becomes surrounded by the people who aren't really his/her well wishers. Hence, the native due to isolation or loneliness arising due to the absence of trustworthy companion, the native is unable to think beyond his circumstances or become obsessed with guarding himself or his secrets. This robes off the native of his creativity, problem solving skills and sometimes common sense too.

Cont'd. in next part.


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Rahu:The Demon with a Difference - Part-1

vastu

Rahu is basically a demon whereas Saturn is a deity, hence they work accordingly.

When Rahu is positive he bestows the native with "immeasurable" success or wealth almost blinding him/her with the "High of Success" on the other hand Saturn when positive makes the native work really hard. Similarly, while punishing the native Saturn doesn't go beyond the endurance of the native but Rahu doesn't care about the endurance, he keeps on delivering blows one after another.

According to some experts Rahu acts as a subordinate to Saturn co ruling Capricorn. They both act as a team- Rahu during its dasha, blinds a native with power of wealth or success and he/she usually looks down upon others. If negative, Rahu keeps on obstructing the path of the native hence tempting him/her to take a "shortcut".

Both ways Rahu actually makes the native to accumulate a huge karmic debt which is taken care by Saturn later. Even then we all need to understand that Rahu is actually delivering our past karma and making us bound to the materialistic world by entangling us into Maya. We should try to understand it's nature and make the most of the Rahu MD or AD.

The positive side of Rahu is that he will continuously throw the native into deep waters and the native is forced to seek help from his near and dear ones. That's where the native will realise who is a "friend in need". Rahu tores off the "mask" on the faces surrounding you. Being the son of Maya and a Mayavi himself he can see across the illusion/mask of fake friendship, love or care. Usually people going through Rahu MD feel lonely, this is a big reason, because Rahu narrows your circle. Rahu MD prepares the native for life.

Read the rest portion in 2nd part. Coming soon....

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क्या ओर कैसे रहेंगें वर्ष 2019 के ग्रह गोचर ??

vastu
वर्ष 2019 व हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से विक्रम संवत 2076 (परिधावी संवत्सर) के राजा शनि हैं जबकि मंत्री सूर्य। दुर्गेश भी शनि हैं जबकि धनेश मंगल हैं। जबकि मंत्री सूर्य के होने से राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर वर्ष भर रहेगा। सूर्य के मंत्री होने से राजनीतिज्ञों का अमर्यादित व्यवहार रहेगा।  इस वर्ष पानी की कमी होने से लोग पलायन करेंगे।पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार 2019 की शुरुआत शुक्र और सूर्य के गोचर से होगी, जिसकी वजह से सुख और समृद्धि दोनों के मार्ग खुलेंगे।

भारतीय वैदिक ज्योतिष के मुताबिक 12 राशियां होती है। इन 12 राशियों पर पड़ने वाली ग्रह दशा के अनुसार ही किसी भी जातक का भविष्य या वर्तमान में चल रही उथल पुथल का पता लगाया जा सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानी जाने वाली सभी 12 राशियों के स्वामी इन 9 ग्रहों में से ही होते हैं। सूर्य व चंद्रमा एक एक राशि तो मंगल, शुक्र, बुध, गुरु व शनि दो-दो राशियों के स्वामी माने जाते हैं। मेष व वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं तो वृषभ व तुला के स्वामी शुक्र। मिथुन व कन्या राशि का प्रतिनिधत्व बुध करते हैं तो कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं। धनु व मीन राशि गुरु की राशियां हैं तो मकर व कुंभ के स्वामी न्याय के देवता शनि माने जाते हैं। राहू-केतु को छाया ग्रह माना जाता है और किसी भी राशि के स्वामी ये नहीं माने जाते। जातक की राशि व राशि स्वामी की स्थिति के अनुसार ही जातक का व्यक्तित्व भी निर्धारित होता है। जैसे-जैसे जातक की कुंडली में ग्रहों की दशा में परिवर्तन आता है उसी प्रकार उनके सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव भी जातक पर पड़ते हैं। इसलिये ग्रहों की चाल, ग्रहों के गोचर या कहें ग्रहों के राशि परिवर्तन का व्यापक प्रभाव समस्त राशियों पर पड़ता है।

भारतीय  हिन्दू ज्योतिष में कर्म की प्रधानता के साथ-साथ ग्रह गोचर और नक्षत्रों के प्रभाव को भी मनुष्य की भाग्य उन्नति के लिए जिम्मेदार माना जाता है। नवग्रह में सूर्य और चंद्रमा भी आते हैं इसलिए सूर्य और चंद्र ग्रहण का महत्व बढ़ जाता है। 

इस वर्ष 2019 में दो चंद्र ग्रहण होंगे। चंद्र ग्रहण भारतीय ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। पूर्णिमा की रात्रि में चंद्र ग्रहण के घटित होने से प्रकृति और मानव जीवन में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। ये परिवर्तन अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के हो सकते हैं। जिस तरह चंद्रमा के प्रभाव से समुद्र में ज्वार भाटा आता है, ठीक उसी प्रकार चंद्र ग्रहण की वजह से मानव समुदाय प्रभावित होता है।  

पूर्ण चंद्र ग्रहण 21 जनवरी 2019  08:07:34 से 13:07:03 बजे तक ।

यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए यहां पर इसका धार्मिक महत्व और सूतक मान्य नहीं होगा। 

चंद्र ग्रहण पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि में लगेगा, इसलिए इस राशि और नक्षत्र से संबंधित लोग इस चंद्र ग्रहण से प्रभावित होंगे। 

चंद्र ग्रहण के बुरे असर को कम करने के लिए कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में जन्में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। 

वर्ष 2019 के राजा हैं शनि, सूर्य मंत्री --
पंचागों के हवाले से बताया कि वर्ष 2019 व हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से विक्रम संवत 2076 (परिधावी संवत्सर) के राजा शनि हैं जबकि मंत्री सूर्य। दुर्गेश भी शनि हैं जबकि धनेश मंगल हैं।

मंगल का विशेष संयोग बना है 2019 में --
वर्ष 2019 में मंगलवार का विशेष संयोग बन रहा है। नए वर्ष की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। वहीं नए वर्ष का समापन भी मंगलवार को होगा।

जैमिनी और केदार योग में हुआ नए वर्ष 2019 का आगमन--

नव वर्ष 2019 की शुरुआत जैमिनी और केदार योग में हो चुकी है। शुक्र व चंद्रमा  के एक साथ रहने से जैमिनी योग बना है जबकि सभी ग्रहों का चार स्थानों पर रहने से केदार योग का संयोग बन रहा है।

नए साल की शुरुआत सूर्यग्रहण से होगी --

 नए वर्ष की शुरुआत सूर्य ग्रहण से हो चुकी है दूसरा सूर्य ग्रहण 2 एवं 3 जुलाई के मध्य है। 

यह दोनों ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं पड़ेंगे। तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगेगा जो भारत में दिखेगा। नए साल में पहला चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को लगेगा। दूसरा चंद्र ग्रहण 16 जुलाई 2019 एवं 17 जुलाई 2019 मध्यांतर में लगेगा यह भारत में भी दिखेगा।

कैसा रहेगा नए वर्ष में 
सभी क्षेत्रों पर असर  --

ज्योतिषी दयानन्द शास्त्री के अनुसार नये वर्ष में केंद में सत्ता के भागीदारों के बीच वैचारिक मतभेद उभरेंगे। पर गुरु के सप्तम भाव में रहने से ये मतभेद सुलझ जाएंगे।  वहीं प्रोपर्टी ओर रियल इस्टेट के बिजनेस में काफी उछाल आयेगा। हमारी लोकतांत्रिक प्रणालियों में सुधार होगा। 

देश में मनोरंजन(टेलीविजन ओर सिनेमा) एवम तकनीकी के क्षेत्र में काफी प्रगति होगी। विश्व मे भारत की छवि और बेहतर होगी। हर क्षेत्र में भारत के लिए 2019 में बेहतर भविष्य दिखाई दे  रहा है।

नए वर्ष में कई ग्रह होंगे वक्री और मार्गी --

नए साल में  गुरु 10 अप्रैल को वक्री होंगे और  मार्गी होंगे 11 अगस्त  को। इसी तरह शनि 30 अप्रैल  को वक्री और मार्गी होंगे 18 सितंबर को l बुध 5 मार्च  को वक्री होंगे। पूरे वर्ष में बुध तीन बार वक्री होंगे और तीन बार मार्गी होंगे।


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