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Astrology and You

Astrology is not merely acknowledged as prophecy anymore but an esoteric language of ancient science. Purely mathematical calculations of celestial positions and their influence on our world that can help us to expand our vision and senses to better connect with the supreme cosmic energies that dwell in this vast multi-verse.This profound education has been a part of Indian heritage since forever. It was being utilized in identifying directions in several phases of life great personalities, and is still been nurtured by many aficionados who are pursuing it as a profession and educating others about the same.

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We at Astrolok, pledge to teach diligent aspirers about the depths of studying celestial positions and energies that once was a very popular academic part in many civilizations. Hence, in lead up to this, we stepped in the educational process with our own institute, where we can impart this incredible knowledge of self-discovery with our students who ultimately can help many others in rising above their problems and lead a life of contentment through effective techniques.

Astrolok is been serving as a multi-purpose platform for budding astrologers, wherein its not just the education we impart with them but also provide them with a room for being a part of our expert clan. This will help them to give a kick-start to their career as an astrologer.

Daily Horoscope

Get forecasts of daily horoscope according to your birth astrological signs governed by their respective ruling planets.

Taurus (Vrushabh)

आज के दिन दैनिक कार्यो के अलावा धार्मिक कार्यो के लिये भी समय निकालेंगे परोपकार की भावना दिखावे की रहेगी दान पुण्य मतलब के लिये ही करेंगे। व्यवहारिक जगत के लिये आज आप नकारा ही सिद्ध होंगे। अपना कार्य साधने के लिये मीठे बनेंगे परन्तु किसी और का कार्य करने में क्रोध आएगा। कार्य-व्यवसाय से आज लाभ की उम्मीद अधिक रहेगी धन लाभ होगा भी आशाजनक लेकिन असमय होने उत्साहित नही करेगा। नौकरी वाले लोग जदबाजी में कुछ ना कुछ गड़बड़ करेंगे जिसके उजागर होने पर आलोचना होगी। पारिवारिक वातावरण गरिमामय रहेगा लेकिन परिजनों मन ही मन कुछ ना कुछ उधेड़ बुन में रहेंगे। घरेलू कार्यो की टालमटोल से बचे कलह हो सकती है। सेहत थकान को छोड़ सामान्य रहेगी।

Gemini (Mithun)

आज का दिन उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। दिन के आरंभ से ही शारीरिक शिथिलता सभी कार्यो में बाधा डालेगी फिर भी जबरदस्ती करना बाद में महंगा पड़ेगा। शारीरिक रूप से आज कुछ ना कुछ परेशानी लगी रहेगी मन अनर्गल प्रवृतियों में भटकेगा। घर अथवा व्यावसायिक कार्यो के प्रति लापरवाही करेंगे लेकिन फिर भी मनोरंजन की योजना बनायेगें। कार्य व्यवसाय से लाभ निश्चित होगा लेकिन किसी के सहयोग से ही। महिलाये भी आरोग्य में कमी रहने के कारण धीमी गति से कार्य करेंगी घर का वातावरण अस्त-व्यस्त रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन आशाजनक नही रहेगा फिर भी कर्म की तुलना में अधिक ही होगा। परिवार के सदस्य झुंझलाहट में बेवजह ही एक दूसरे से उलझेंगे। यात्रा टालें।

Cancer (Karka)

आज का दिन पिछले दिन की तुलना में बेहतर रहेगा लेकिन फिर भी आज दिमाग से सभी प्रकार के डर को दूर करके ही लाभ पाया जा सकता है। दिन के आरंभ से मानसिक रूप से हल्कापन अनुभव करेंगे मन मे विचित्र ख्याल चलते रहेंगे। व्यवसायी वर्ग आज जल्दी ही अपने कामो में जुट जाएंगे इसके विपरीत नौकरी वाले लोग पहले विलम्ब करेंगे बाद में कार्य खत्म करने की जल्दी रहेगी। काम-धंधा मध्यान बाद से गति पकड़ेगा आज कोई बड़ा निर्णय ना ही ले तो बेहतर रहेगा। बचकानी हरकतों से आस-पास का माहौल हास्यप्रद बनाएंगे परिवार में धन अथवा अन्य कारण चिता का विषय रहेंगे। संध्या बाद यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी। सेहत में सुधार अनुभव होगा।

Leo (Sinh)

आज का दिन वृद्धिकारक रहेगा। जिस कार्य से कोई आशा नही रहेगी वहां से भी कुछ ना कुछ लाभ ही होगा। अकस्मात लघु यात्रा आने से दैनिक कार्यो में फेरबदल करना पड़ेगा। आलस्य से आज बचें एक बार किसी कार्य मे विलम्ब हुआ तो रात्रि तक यही क्रम जारी रहेगा। मध्यान बाद व्यस्तता बढ़ेगी व्यवसाय में अकस्मात उछाल आएगा लेकिन इसके अनुरूप आपकी तैयारी नही होने पर खासी मशक्कत करनी पडेगी फिर भी धन की आमद एक से अधिक मार्ग से होगी आर्थिक दृष्टिकोण से भविष्य के प्रति आज निश्चिन्त रहेंगे लेकिन घर मे किसी ना किसी से कलह होकर ही रहेगी। स्वास्थ्य मानसिक दुविधा के कारण सर दर्द अथवा अन्य छोटी मोटी परेशानी आ सकती है।

Virgo (Kanya)

आज आप स्वभाव से विवेक का परिचय देंगे इसके विपरीत घर का वातावरण बेवजह के झमेलों में डालेगा जिस कारण बाहर समय बिताना अच्छा लगेगा। दैनिक कार्य आज व्यवस्थित रहेंगे अधिक से अधिक धन कमाने की मानसिकता चैन से बैठने नही देगी। कार्य क्षेत्र पर अन्य दिनों की तुलना में ज्यादा व्यस्त रहेंगे फिर भी इसका लाभ आशाजनक नही मिलेगा। आज आप अनैतिक कार्यो से स्वयं ही दूरी बनाकर रहेंगे फिर भी प्रलोभन से स्वयं को बचाना बड़ी चुनौती रहेगी। धन की आमद अन्य दिनों की अपेक्षा सुधरेगी लेकिन घर मे फरमाइशें की सूची भी लंबी रहने के कारण तुरंत निकल जायेगा। सामाजिक कार्यो के प्रति उदासीनता व्यवहारिक जगत से दूरी बढ़ाएगी। स्वयं अथवा परिजन के स्वास्थ्य के ऊपर भी खर्च करना पड़ेगा।

Libra (Tula)

आज का दिन अशुभ फलदायी रहेगा। घर एवं बाहर की परिस्थितियां पल पल पर क्रोध दिलाएंगी इसलिये आज आपको अधिक से अधिक मौन रहने की सलाह है। कार्य क्षेत्र पर भी सहकर्मी अथवा किसी बाहरी व्यक्ति से तालमेल बिगड़ेगा आपको उनका एवं उनको आपका व्यवहार उद्दंड लगेगा जिससे कलह बढ़ेगी। गलती करने पर मान लें अन्यथा परेशानी बढ़ सकती है। आर्थिक रूप से भी दिन उतार चढ़ाव वाला रहेगा जिस लाभ के आप अधिकारी है उसे कोई अन्य ले जाएगा अथवा बहुत कम होने पर निराश होंगे। व्यवसायी वर्ग तगादा करते समय विनम्र रहें अन्यथा गरमा गर्मी में धन डूब सकता है। मन आज वर्जित और असंवैधानिक कार्यो में शीघ्र आकर्षित होगा। महिलाए घर का वातावरण जितना सुधारने का प्रयास करेंगी उतना अधिक बिगड़ेगा। सेहत में नई समस्या बनेगी।

Scorpio (Vrushchik)

आज का दिन सामाजिक एवं राजकीय कार्य के लिये अनुकूल है धन के साथ पद प्रतिष्ठा का भी लाभ मिलेगा। समाज के उच्चवर्गीय लोगो से जान पहचान होगी परन्तु इनसे तुरंत लाभ उठाने का प्रयास ना करें अन्यथा संबंधों में तुरंत खटास भी आ सकती है। सार्वजिक क्षेत्र पर आवश्यकता पड़ने पर ही बोले जल्दबाजी में कुछ अप्रिय बयानबाजी कर देंगे जिससे व्यक्तित्व में कमी आ सकती है। व्यवसायी वर्ग धन कमाने के चक्कर मे जल्दबाजी करेंगे परन्तु ध्यान रहे प्रतिस्पर्धा होने के बाद भी आज धैर्य रखने का परिणाम बाद में अवश्य ही लाभ दिलाएगा। धन की आमद संतोषजनक रहेगी खर्च करने में पीछे नही हटेंगे। घर का वातावरण गलतफहमी के कारण कुछ समय के लिये अशान्त बनेगा। जोड़ो अथवा मासपेशी संबंधित समस्या बन सकती है। यात्रा लाभदायक रहेगी।

Sagittarius (Dhanu)

आज के दिन परिस्थितियां विपरीत बनेगी पूर्व में बनाई योजना परिस्थिति वश अंत समय मे बदलनी पड़ेगी। जिस कार्य ने लाभ देख रहे थे वहां से लाभ तो होगा लेकिन आशा से बहुत कम। व्यवसायी वर्ग धन अथवा महंगी वस्तुओ संबंधित कार्य विचार कर ही करें हानि की संभावना आज अधिक है। धन के फंसने पर आगे के कार्य प्रभावित होंगे। नौकरी वाले जातक विषम परिस्थितियों में भी निश्चिन्त रहेंगे लेकिन घर के वातावरण में कुछ ना कुछ उथल-पुथल लगी रहेगी। धन की आमद प्रयास करने पर हो जाएगी लेकिन आवश्यकता की तुलना में कम रहेगी। महिला वर्ग भावुक कर खर्चा करवाएगी कर्ज बढ़ने के आसार है खर्च आज सोच समझ कर ही करे। सेहत में नया विकार आएगा।

Capricorn (Makar)

आज का दिन यादगार रहेगा। कई दिनों से मन में चल रही कामना की पूर्ति आज होने से अकस्मात खुशी मिलेगी। कार्य व्यवसाय में भी उन्नति के योग है जिस किसी कार्य को करेंगे उसमें स्वयं के बल पर ही सफलता पा लेंगे भागीदारी के कार्यो में बड़े निर्णय लेने से आज बचें अन्यथा तालमेल की कमी के कारण आपस मे फुट पड़ सकती है। महिलाए भ्रामक खबरों पर यकीन ना करें वरना घर का सुरम्य वातावरण छोटी सी गलतफहमी के कारण लंबे समय के लिये अशान्त बनेगा। धन की आमद सही समय पर होगी फिर भी आज संतोष की कमी रहने पर कुछ ना कुछ अभाव अनुभव करेंगे। व्यवहारिक संबंधों को छोड़ अन्य सभी कार्य में विजय मिलेगी। सेहत उत्तम रहेगी।

Aquarius (Kumbha)

आज का दिन धैर्य से बिताने में ही भलाई है। मेहनत करने पर तुरंत लाभ की आशा ना रखें आज किया परिश्रम का फल संध्या बाद से दिखने लगेगा लेकिन प्राप्ति में अड़चनें आएंगी आज की तुलना में कल दिन ज्यादा बेहतर रहेगा। आज केवल आश्वासनो से ही काम चलाना पड़ेगा। मध्यान तक का समय कार्य व्यवसाय के लिये उतार चढ़ाव वाला रहेगा इसके बाद परिस्थिति से समझौता कर लेंगे स्वभाव में संतोष बनेगा। धन अथवा अन्य किसी भी प्रकार के वादे ना करें पूरे नही कर पाएंगे उलटे आलोचना ही होगी। घर का कोई सदस्य जिद पर अड़ेगा जिससे कुछ समय के लिये शांति भंग होगी। महिलाए अपने कार्य छोड़ अन्य के कार्य मे मीन मेख निकालेंगी यह झगड़े का कारण बनेगा। बदन दर्द स्नायु तंत्र में दुर्बलता रहेगी।

Pisces (Meen)

आज का दिन कार्य सिद्धि वाला रहेगा जिस भी कार्य को करेंगे उसमे परिस्थितियां स्वतः ही अनुकूल बनने लगेंगी आवश्यकता के समय सहयोग भी आसानी से मिल जाएगा। अधिकांश कार्य सही दिशा और भाग्य का साथ मिलने से समय पर पूर्ण होंगे। कारोबारी लोग आज किया निवेश का लाभ निकट भविष्य में उठाएंगे फिर भी ज्यादा जोखिम ना लें। नौकरी वाले जातक आज अतिरिक्त कार्य आने पर असहज अनुभव करेंगे सहयोग भी कम मिलेगा फिर भी अपने पराक्रम से थोडे विलम्ब से विजय पा लेंगे। धन की आमद दोपहर बाद निश्चित होगी अतिरिक्त खर्च भी होंगे। गृहस्थ का माहौल पल-पल में बदलने से तालमेल बैठाने में परेशानी होगी। परिजनों के लिये समय निकालें अन्यथा मतभेद हो सकते है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

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Daily Panchang for 22th March 2019

vastu

~ आज का हिन्दू पंचांग ~

⛅ दिनांक 22 मार्च 2019

⛅ दिन - शुक्रवार 

⛅ विक्रम संवत - 2075

⛅ शक संवत -1940

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - वसंत

⛅ मास - फाल्गुन

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ तिथि - द्वितीया रात्रि 12:55 तक तत्पश्चात तृतीया

⛅ नक्षत्र - हस्त सुबह 11:07 तक तत्पश्चात चित्रा

⛅ योग - ध्रुव 23 मार्च रात्रि 01:42 तक तत्पश्चात व्याघात

⛅ राहुकाल - सुबह 10:59 से दोपहर 12:29 तक 

⛅ सूर्योदय - 06:45

⛅ सूर्यास्त - 18:48 

⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - संत तुकारामजी द्वितीया

💥 विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 फोड़े-फुंसियाँ 🌷

👉🏻 फोड़ा-फुंसी है तो पालक+गाजर+ककड़ी तीनों को मिला कर उस का रस ले लें अथवा नारियल का पानी पियें तो फोड़ा पुंसी में आराम होता है ।

 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 वास्तु शास्त्र 🌷

🏡 तीन टांग वाला मेंढक 

मुंह में सिक्का पकड़े हुए तीन टांग वाले मेंढक को धन-लाभ का प्रतीक है । इसे घर में इस तरह रखें कि लगे यह घर में आ रहा है । इसे किचन या बाथरूम में न रखें ।

 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 गोमती चक्र 🌷

🙏🏻 गोमती चक्र को तंत्र शास्त्र में लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है। इनके एक तरफ उठी हुई सतह होती है, और दूसरी तरफ चक्र होता है। माना गया है कि जो लोग बुरी नज़र से बचे रहने के साथ ही, घर की यश समृद्धि बढ़ाना चाहते हैं उन्हें हमेशा घर में गोमती चक्र जरूर रखने चाहिए। आइए जानते हैं गोमती चक्र के खास उपायों के बारे में.....

😳 यदि किसी को बार-बार नजर लग जाती है, तो किसी एकांत स्थान पर जाकर 3 गोमती चक्रों को अपने ऊपर से 7 बार उतार कर अपने पीछे फेंक दें और पीछे मुड़कर न देंखे ।

💰 आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है, तो सोमवार को 11 गोमती चक्रों का हल्दी से तिलक करें और शिवजी का ध्यान कर पीले कपड़े में बांधकर पूरे घर में घुमाकर किसी बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें ।

👹 बच्चा बार-बार डर जाता है, तो मंगलवार को गोमती चक्र पर हनुमानजी के दाएं कंधे का सिंदूर लेकर तिलक कर किसी लाल कपड़े में बांधकर बच्चे के गले में पहना दें ।

💵 शुक्रवार को 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों को पीले कपड़े पर रखकर मां लक्ष्मी का स्मरण कर विधिवत पूजन करें और गोमती चक्रों को तिजोरी में रख दें । घर में बरकत रहेगी ।

📖 *आचार्य अरूणा दाधीच जन्मपत्री विशेषज्ञ जयपुर 9983974145

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जानिये होलिका दहन का शुभ मुहूर्त !!

vastu
होलिका दहन पर दुर्लभ सयोंग बन रहा है। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में हिलिक दहन होगा। इस बार होलिका दहन पर सभी ग्रह सात राशियो में विराजमान होंगे जो कि दुर्लभ सयोंग होगा।

होली दहन पर नवान्नेष्टि यज्ञ किया जाता है, जो कि होली दंड और प्रह्लाद के नाम से जाना जाता है। वास्तव में यह नवान्नेष्टि यज्ञ का स्तंभ है।

*होली दहन मुहूर्त*

फाल्गुन माह के शुक्लपक्ष, पूर्णिमा, बुधवार के दिन प्रदोषकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इसमें भद्रा वर्जित होती है। भद्रा सुबह 10:40 बजे से रात्रि 8:21 बजे तक रहेगी। इसलिए रात्रि 8:21 बजे के पश्चात भद्रा मुक्त काल मे होलिका दहन का मुहूर्त रहेगा।

*पूजा विधि*

प्रातः स्नानादि के पश्चात हिलिक व्रत का संकल्प करें। दोपहर में होलाका दहन स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर लें, उसमे सूखे उपले व सुखी लकड़ी झाड़िया डाले। शाम के समय उसकी पूजा करें तथा होलिका की तीन परिक्रमा लगाए व अधर्य दे। घर से लाये हुए जौ, गेहू, चने की बालो को होली की ज्वाला में भुने और होली की अग्नि और भस्म लेकर घर आये और पूजा वाली जगह पर रखे।

21 मार्च को धुलंडी उत्सव मनाया जाएगा। जिसमे लोग एक दूसरे पर गुलाल व रंग डालकर यह उत्सव मनाते है। इसे रंगोत्सव के रूप में जाना जाता है।

*पौराणिक मान्यता*
हिरणाकश्यप की बहन को न जलने का वरदान होने के कारण हिरणाकश्यप ने होलिका की गोद मे प्रह्लाद को बैठा कर उसके चारों और अग्नि प्रज्वलित की थी जिससे होलिका तो जल गई मगर प्रह्लाद को कुछ नही हुआ। इस कारण उस दिन से होलिका दहन मनाया जाता है।
वैसे इस दिन से मौसम में बदलाव आना प्रारम्भ हो जाता है, सर्दियां अलविदा कहने लगती है, और गर्मियों का आगमन होने लगता है।

होली का त्योहार पंजाब में सबसे अधिक हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। इसके अलावा मथुरा वृन्दाबन की होली देखने लायक होती है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाण, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा एवम् गोआ में भी होली का त्योहार अलग ढंग से मनाने का चलन है।

*भाई दूज का त्योहार*

होली के बाद 22 मार्च शुक्रवार , द्वितीय तिथि को देश भर में भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। जो कि भाई बहन के पारस्परिक प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाती है, व लंबी उम्र का आशीर्वाद देती है। बदले में भाई अपनी बहन को तोहफे के साथ उसकी रक्षा करने का वचन देता है।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा
मोब.न 9302325222

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जानिये आपकी राशि के अनुसार किस तरह मनाएं होली !!

vastu
चैत्र मास की शुरूआत रंगों के पर्व होली से होती है। 21 मार्च, गुरुवार को ये शुभ दिन है। रंगों का ज्योतिष से भी खास संबंध है। होली रंगों का त्यौहार है और रंग प्रेम के परिचायक होते हैं। इन प्यार मोहब्बत के रंगों को वही व्यक्ति स्वीकार  करता है जिन के मन में अनुराग और अपनत्व की भावना होती है। अपनी राशि के अनुसार अपने इष्ट का ध्यान कर अपने मन से सभी बुराईयों का दहन कर भविष्य की पवित्र, सुखद, शाश्वत, पापरहित और प्रेममयी होली के रंग अपने जीवन में लाने का संकल्प करें और सुनहरे भविष्य की उज्वल कामना करें। 

1.मेष : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली की पूजा करने के उपरांत मंदिर जाकर शिवालय के दर्शन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए लाल गुलाल का प्रयोग करें। 

 2.वृषभ : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत कन्या पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए हल्के पीले रंग का प्रयोग करें। 

3.मिथुन : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत भगवान गणपति के दर्शन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए हरे रंग का प्रयोग करें। 

4.कर्क : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत शिव परिवार का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए सफेद कपड़े धारण करें और केवल गुलाल से ही होली खेलें। 

5.सिंह : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत भगवान सूर्य नारायण का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए गुलाल एवं मेहरून रंग का प्रयोग करें। 

6.कन्या : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत गणपति बप्पा और धन के देवता कुबेर जी के दर्शन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए टेसू रंग का प्रयोग करें। 

7.तुला : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत मां दुर्गा का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए लाल और पीले रंग का प्रयोग करें। 

8.वृश्चिक : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत भगवान गणपति और उनकी पत्नियों रिद्धि-सिद्धि का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए गुलाबी रंग का प्रयोग करें। 

9.धनु : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत भगवान दत्तात्रेय (गुरु महाराज) का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए पीले रंग का प्रयोग करें। 

10.मकर : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत भगवान श्री राम और उनके प्रिय भक्त हनुमान जी के दर्शन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए हल्का गुलाबी और पीला रंग प्रयोग में लाएं। 

11.कुंभ : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत श्री राम भक्त हनुमान जी का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए हरे और सिंदूरी रंग का प्रयोग करें। 

12.मीन : इस राशि के व्यक्ति ब्रह्ममूहर्त में उठकर होली  पूजन के उपरांत बृहस्पति देव का पूजन करें तत्पश्चात होली के रंगों में रंगने के लिए पीले रंग का प्रयोग करें।

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Holashtak 2019 :- कब से लग रहा है होलाष्‍टक !!!

vastu
*होलाष्टक 14 मार्च से 21 मार्च तक*

20 मार्च बुधवार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन पर्व मनाया जाएगा। होलाष्टक होली पर्व की सूचना लेकर आता है। होली के आठ दिन पूर्व होलाष्टक प्रारम्भ हो जाता है। जो कि इस वर्ष 14 मार्च से प्रारंभ होगा और होलिका धुलंडी के दिन 21 मार्च तक रहेगा।

इसी के साथ होलाष्टक के मध्य दिनों में 16 संस्कारों में से किसी भी संस्कार को शुभ नही माना जाता। यहां तक कि अंतिम संस्कार करने से पूर्व शांति कार्य किया जाता है।

होलीका दहन का शुभ मुहूर्त 20 मार्च बुधवार को रात्रि 8:20 के पश्चात होगा। 21 मार्च को धुलंडी उत्सव मनाया जाएगा। जिसमे लोग एक दूसरे पर गुलाल व रंग डालकर यह उत्सव मनाते है। इसे रंगोत्सव के रूप में जाना जाता है।

*होलाष्टक से शुरू होने वाले कार्य* 

सबसे पहले होलाष्टक शुरू होने वाले दिन होलिका दहन के लिए स्थान चुनाव किया जाता है। उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध करके उस स्थान पर होलिका डंडा स्थापित किया जाता है। प्रतिदिन उस स्थान पर सुखी लकड़िया, गोबर के सूखे उपले एकत्र कर रखे जाते है। जिससे होलिका दहन के दिन यहां लकड़ियों व उपलों का ढेर बन जाता है। होलिका दहन के दिन शुभ मुहूर्त में होली का पूजन कर दहन किया जाता है। उस समय से बच्चे व बड़े हल्की फुल्की होली खेलना प्रारम्भ करते है व बच्चे बड़ो के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लेते है। यह हिन्दुओ का सबसे पवित्र व उमंग भर त्योहार है, जिसमे स्त्री-पुरुष, बाल वृद्ध उत्साह व प्रसंतापूर्वक होलिका दहन करते हुए प्रारंभिक गीत, फॉग आदि गाते है, तथा नृत्य कर उत्सव को मानते है।

होली रंगों, मेल मिलाप, मौज मस्ती का का त्योहार है। रंग हमे केवल लुभाते ही नही, बल्कि हमारे मन और शरीर पर प्रत्यक्ष रूप से असर डालते है। होली के त्योहार पर दुश्मन भी गीले शिकवे भुलाकर एक दूसरे के गले मिलते है।

*पौराणिक मान्यता*

यह माना जाता है कि जब भगवान शिव ने क्रोध में आकर कामदेव को भस्म किया था वह दिन होलाष्टक की शुरुवात माना जाता है।

हिरणाकश्यप की बहन को न जलने का वरदान होने के कारण हिरणाकश्यप ने होलिका की गोद मे प्रह्लाद को बैठा कर उसके चारों और अग्नि प्रज्वलित की थी जिससे होलिका तो जल गई मगर प्रह्लाद को कुछ नही हुआ। इस कारण उस दिन से होलिका दहन मनाया जाता है।

वैसे इस दिन से मौसम में बदलाव आना प्रारम्भ हो जाता है, सर्दियां अलविदा कहने लगती है, और गर्मियों का आगमन होने लगता है।

होली का त्योहार पंजाब में सबसे अधिक हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। इसके अलावा मथुरा वृन्दाबन की होली देखने लायक होती है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाण, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा एवम् गोआ में भी होली का त्योहार अलग ढंग से मनाने का चलन है।

*भाई दूज का त्योहार*

होली के बाद 22 मार्च शुक्रवार , द्वितीय तिथि को देश भर में भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। जो कि भाई बहन के पारस्परिक प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाती है, व लंबी उम्र का आशीर्वाद देती है। बदले में भाई अपनी बहन को तोहफे के साथ उसकी रक्षा करने का वचन देता है।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा

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शिवरात्रि पर कैसे करे शिव को प्रसन्न ??

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शिवरात्रि पर करे शिव को प्रसन्न !

करे अपने राशिनुसार पूजा एवम अभिषेक !

शिव पुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी, इसीलिए इस दिन किया गया शिव पूजन, व्रत और उपवास अनंत फल दायी होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्रध्दालु भक्त अपनी राशि के अनुसार भी भगवान शिव की आराधना और पूजन कर मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं । 

महाशिवरात्रि के दिन किसी भी राशि का जातक पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक कर सफेद अर्क के फूल चढ़ाकर चंदन से प्रणव (ॐ) बनाकर भी उपासना कर सकते हैं ।
तिल स्नान कर करें शिव पूजा- फागुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिव रात्रि महोत्सव मनाया जाता है। 

त्रयोदशी को एक बार भोजन करके चतुर्दशी को दिन भर अन्न नहीं ग्रहण करना चाहिए । इसके अलावा यह भी मान्यता है कि तिलों से स्नान करके रात्रि में विधिवत शिव पूजन करना चाहिए । भगवान शिव के सबसे प्रिय पुष्पों में कनेर, बेल पत्र तथा मौलसिरी है । लेकिन पूजन विधान में बेलपत्र सबसे प्रमुख है । शिवजी पर पका आम चढ़ाने से विशेष फल प्राप्त होता है । 

लोक मंगलकारी है रूद्र शिव- शिवलिंग पर चढ़ाए गए पुष्प, फल तथा जल को ग्रहण नहीं करना  चाहिए । 

सभी के सभी बारह राशियो के लिए पूजन एवम अभिषेक विधि करे अपने भोलेनाथ को प्रसन्न 

मेष – गुड़ और गुलाब के जल से अभिषेक करे । मीठी रोटी का भोग चढ़ाएं लाल चंदन व कनेर की फूल से पूजा करें ।

वृष- दही और केवड़ा से अभिषेक करे। शक्कर, चांवल, सफेद चंदन सफेद फूल से पूजा करे ।

मिथुन – गन्ने के रस से भगवान का अभिषेक करें  मुंग , दूब और कुशा से पूजा करे ।

कर्क – घी से अभिषेत कर चावल, कच्चा दूध, सफेद आक व शखपुष्पी से शिवलिंग की पूजा करें ।

सिंह – गुड़ के जल से अभिषेक कर गुड़ व चावल से बनी खीर का भोग लाकर गेहूं के चूरे और मंदार के फूल से पूजा करें ।

कन्या – गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेत करे । भगवान शंकर को भांग, दूब व पान अर्पित करे ।

तुला – सुगंधित तेल या इत्र से भगवान का अभिषेक कर दही, मधुरस व श्रीखंड का भोग लगाएं । सफेद फूल से भगवान की पूजा करें ।

वृश्चिक – पंचामृत से अभिषेत करे । लाल पुष्प से भगवान की पूजा करें ।

धनु – हल्दी युक्त दूध से अभिषेक कर मिश्री और बेसन से बनी मिठाई से भगवान का भोग लगाएं । गेंदे के फूल से उनकी पूजा करें ।

मकर – नारियल पानी से अभिषेक कर उड़द से बनी मिठआई का भगवान को भोग लगाएं । नीलकमल के फूल उनकी पूजा करे ।

कूंभ – तिल के तेल से अभिषेक कर उड़द से बनी मिठआई का भोग लगाए । शमी के फूल से भगवान की पूजा करे ।

मीन – केसर युक्त दूध से भगवान का अभिषेक कर दही भात का भोग लगाएं । पीली सरसों और नागकेसर से भगवान की पूजा करें I

जय भोलेनाथ
ॐ नमः शिवाय 
सबकी मनोकामना पूर्ण हो 

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व्रत और उपवास क्या है???? क्यों करते है उपवास ?

vastu
व्रत और उपवास में सबसे श्रेष्ठ प्रत्येक माह की एकादशी और श्रावण माह के प्रत्येक दिन को पवित्र और व्रत लायक माना गया है।

प्रत्येक हिन्दू को उक्त दिन खुद को पवित्र रखकर इनका पालन करना चाहिए। 

हिन्दु्ओं के 10 प्रमुख कर्तव्य है:- 
1.संध्योपासन,
2.व्रत,
3.तीर्थ,
4.उत्सव,
5.सेवा,
6.दान,
7.यज्ञ,
8.संस्कार
9. वेद पाठ, 
10. धर्म प्रचार।

इन 10 में से जानिए व्रत या उपवास के बारे में संपूर्ण जानकारी। 

उपवास को हम यहां अनाहार के अर्थ में लेते हैं। उपवास एक प्रकार की शक्ति है जिसके बल से जहां रोगों को दूर कर सेहतमंद रहा जा सकता है, वहीं इसके माध्यम से सिद्धि और समृद्धि भी हासिल की जा सकती है। उपवास के अभ्यास से व्यक्ति कई-कई महीनों तक भूख और प्यास से मुक्त रह सकता है। 

आप समझते हैं कि भोजन न करना ही उपवास या व्रत है तो आपकी यह समझ अधूरी है।

उपवास या व्रत का अर्थ बहुत व्यापक है। शास्त्रों में मुख्यत‍: 4 तरह के व्रत और 13 तरह के उपवास बताए गए हैं। बहुत से तपस्वी अपने तप की शुरुआत उपवास से ही करते हैं। 
 
 व्रत और उपवास क्या है????

संकल्पपूर्वक किए गए कर्म को व्रत कहते हैं। किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दिनभर के लिए अन्न या जल या अन्य तरह के भोजन या इन सबका त्याग व्रत कहलाता है। व्रत धर्म का साधन माना गया है। उपवास का अर्थ होता है ऊपर वाले का मन में निवास। उपवास को व्रत का अंग भी माना गया है।

आपकी सेवा में समर्पित हमेशा की तरह यह लेख आपके जीवन में खुशहाली लेकर आए इसी कामना के साथ धन्यवाद !!

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