• +(91) 7000106621
  • astrolok.vedic@gmail.com

Learn what’s best for you

Learn Jyotish
horoscopes

जानिए प्रकृति कैसे देती है आने वाली घटनाओं का संकेत !!

पौराणिक कथाओं में ऐसी कई शुभ व अशुभ घटनाओ के बारे में वर्णन मिलता है कि प्रकृति हमारे जीवन मे हीने वाली शुभ व अशुभ घटनाओ के संकेत देती है, हमे इन संकेतों की जानकारी न होने के कारण हम उन पर ध्यान नही देते। जबकि प्रत्येक होने वाली घटना के संकेत प्रकर्ति हमे दे देती है।

आज हम आपको कुछ संकेतो के बारे में जानकारी देंगे। पशु, पक्षी,शरीर के अंग हमे संकेत देते रहते है, जैसे पृथ्वी पर जब भी प्रलय, तूफान भूचाल होने वाली होती है तो जानवर परेशान हो जाते है।

पक्षी अपने छिपने की जगह ढूंढने लग जाते है, कुत्ते जोर जोर से भोकने लगते है, ऐसी घटनायें हमे आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के संकेत देती है।

जैसे अंगों का फड़कना :- पुरुष की दायीं आंख फड़कना अच्छा व बाई आँख फड़कना बुरा मन जाता है, उसी प्रकार स्त्रियों की बाईं आंख फड़कना अच्छा व दाहिनी आंख फड़कना बुरा मन जाता है।

शकुन शास्त्र के अनुसार यदि आप नए घर मे प्रवेश कर रहे है तो घर के मालिक को नए घर मे छिपकली मरी हुई या मिट्टी लगी हुई मिल जाये तो उसमें निवास करने वाले लोगों को बिमारिओ का सामना करना पड़ता है।

यदि आपकी छत पर कोये झगड़ते हुए दिख जाए तो समझ ले कि कोई विपति आपके घर आने वाली है

यदि कोये मुह में रोटी य मास का टुकड़ा ले जाते हुए दिख जाए तो समझ ले कि आपकी इच्छा पूरी हीने वाली है। यदि कोया सुबह आपके पैर को स्पर्श कर उड़ जाए तो यह शुभ होता है।

कुत्ते वफादार होते है इनकी छटी इंद्री अधिक विकसित होती है |

उसे आने वाली घटनाओं का पूर्व में पता लग जाता है, जब कुत्ता रोता है तो शुभ नही होता।

यदि कुत्ता आसमान की और मुह करके बैठा है तो समझ ले कि पानी की कमी रहेगी। यदि कुत्ता जमीन पर उल्टा लोटता हुआ दिखाई दे तो जिस कार्य के लिए आप जा रहे है वह कार्य नही होगा। यदि कुत्ता आपकी चप्पल लेकर भाग जाता है तो मानलीजिए आपका आर्थिक नुकसान होने वाला है |

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा, ग्वालियर 


Astrolok is one of the famous astrology institute based in Indore where you can learn vedic astrology, marriage astrology, nadi astrology,horoscope matching through live vedic astrology classes. It is a free platform to write astrology articles. Become a part of it by registering at
https://www.astrolok.in/index.php/welcome/register

comments

Leave a reply