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जानिये कैसे किस्मत खोल देता है नीलम रत्न !

शनि गृह कुंडली में शुभ स्‍थान में योगकारक होने पर नीलम रत्न धारण करने से बंद किस्‍मत के ताले खुल कर व्यक्ति के विचारो मे सकारात्‍मकता, आत्मविश्वास मे वृद्धि व मानसिक संतुलन मजबूत होकर वह सही एवं शीघ्र निर्णय लेता है. नीलम रत्‍न को पहनने से पूर्व किसी योग्य ज्योतिष को अपनी जन्मपत्री / हस्तरेखा व रत्न विशेषज्ञ को नीलम रत्न अवश्य दिखानी चाहिए, वरना जन्मपत्री मे शनि गृह अनुकूल होने पर चीरा लगा, धारीदार, किसी अन्य व्यक्ति का यूज़ किया हुआ रत्न, छिद्रित या खण्डित नीलम धारण करने से व्यक्ति की आर्थिक, शारीरिक, घरेलू व मानसिक परेशानी बढ़ जाएगी. क्या नीलम रत्न आपकी राशि के अनुसार अनुकूल है? (यह प्रभाव/असर ..आपकी चंद्र राशि अनुसार दिया गया हैं )... (सूचना: हम सभी पाठकों को यह सुझाव देते हैं कि कोई भी रत्न पहनने से पहले एक बार किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।) मेष मेष राशि का स्वामी मंगल होता है और शनि के साथ इसका शत्रुता का भाव होता है, ऐसे में इस राशि के जातकों को नीलम पहनने की सलाह नहीं दी जाती है। क्योंकि ये आपको पूरी तरह से ध्वस्त कर देगा और आगे बढ़ने के लिए कोई नया अवसर नहीं प्राप्त होने देगा। हालांकि इस राशि के जातकों को यूं तो नीलम न पहनने की सलाह दी जाती है, बावजूद इसके जिन जातकों की कुंडली में शनि द्वितीय, पंचम, नवम व एकादश भाव में स्थित है वो चाहें इसे धारण करके अपना भाग्य आज़मा सकते हैं। वृषभ आपको नीलम धारण करने से पहले ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आपके स्वामी यानि शुक्र का शनि के साथ मित्रता का भाव है। नीलम का प्रभाव इस कदर होता है कि वो आपको पूरी ज़िंदगी का सर्वश्रेष्ठ समय दे सकता है क्योंकि नीलम शनि का रत्न होता है और शनि आपके लिए एक योगकारक ग्रह है। मिथुन यूं तो बुध व शनि आपस में मित्रता का भाव रखते हैं, बावजूद इसके भी आपको नीलम धारण करने से पहले ज्योतिष की राय लेना बेहद ज़रूरी है। वैसे जिस दौरान शनि का गोचर आपकी राशि में हो, उसी समय आपको नीलम पहनने की राय दी जाती है। कर्क जिस प्रकार मंगल शनि के साथ शत्रुता का भाव रखता है, उसी प्रकार शनि कर्क राशि के स्वामी चंद्र के साथ भी इसी प्रकार का संबंध रखता है। शनि का सप्तम व अष्टम भाव में स्थित होना अशुभ माना जाता है। सिंह सिंह राशि का स्वामी सूर्य शनि के साथ शत्रुता का भाव रखता है। इसी कारण सिंह राशि के जातक इस ख़ूबसूरत रत्न को धारण नहीं करते हैं। कन्या कन्या राशि का स्वामी बुध शनि के साथ तटस्थ रहता है। ऐसे में ये रत्न धारण कर लेने से न तो फायदा होता है और ना ही कोई नुकसान। वैसे अगर आप चाहें तो शनि की अवधि सुधारने या अपनी स्थिति को मज़बूत बनाने के लिए इसे धारण कर सकते हैं। तुला तुला राशि का स्वामी यानि शुक्र का शनि के साथ सौहार्दपूर्ण भाव रहता है, ऐसे में इस राशि के जातकों को ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए इस रत्न को अवश्य धारण करना चाहिए। वृश्चिक शनि और मंगल के बीच शत्रुता का भाव होता है तो ऐसे में ये कहना बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं होगा कि यह रत्न आपके लिए ठीक नहीं है। बस इसे वो कुछ लोग धारण कर सकते हैं जिनका शनि पंचम, नवम व दशम भाव में स्थित है। धनु धनुका स्वामी बृहस्पति यानि गुरु ग्रह व शनि आपस में सम भाव रखते हैं इसलिए ये कहना व्यर्थ है कि इस राशि के लोग नीलम रत्न को बिल्कुल भी धारण न करें अन्यथा परिणाम बहुत भयावह होगा। मकर इस राशि के स्वामी शनि स्वंय हैं, ऐसे में नीला नीलम मकर राशि के जातकों के जीवन को पूरी तरह से खुशहाली से भर देता है और शुभता व लाभ की बौछार करता है। यह आपकी विद्रोहियों से भी रक्षा करता है। कुंभ नीलम रत्न उन लोगों के भाग्य में काफी बदलाव लाता है जो इस राशि के होते हैं और इस रत्न को धारण करते हैं। कारण यह है कि शनि आपके लिए वही करता है जो सबसे उत्तम होगा। मीन मीन राशि के स्वामी गुरु और शनि आपस में सम हैं। इसका अर्थ यह है कि इस राशि के लोगों को यह रत्न नहीं पहनना चाहिए वरना इससे जीवन को खतरा हो सकता है। Astrolok is one of the best astrology website and a free platform to write astrology articles. Astrolok provides vedic astrology courses that you can learn from your place as these are online vedic astrology classes. Here you can learn marriage astrology, nadi astrology, horoscope matching and many more. To join Astrolok, register yourself at https://astrolok.in/my-profile/register/

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    rakesh
    2019.03.14

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