• +(91) 7000106621
  • astrolok.vedic@gmail.com

Learn what’s best for you

Learn Jyotish
horoscopes

व्रत और उपवास क्या है???? क्यों करते है उपवास ?

व्रत और उपवास में सबसे श्रेष्ठ प्रत्येक माह की एकादशी और श्रावण माह के प्रत्येक दिन को पवित्र और व्रत लायक माना गया है।

प्रत्येक हिन्दू को उक्त दिन खुद को पवित्र रखकर इनका पालन करना चाहिए। 

हिन्दु्ओं के 10 प्रमुख कर्तव्य है:- 
1.संध्योपासन,
2.व्रत,
3.तीर्थ,
4.उत्सव,
5.सेवा,
6.दान,
7.यज्ञ,
8.संस्कार
9. वेद पाठ, 
10. धर्म प्रचार।

इन 10 में से जानिए व्रत या उपवास के बारे में संपूर्ण जानकारी। 

उपवास को हम यहां अनाहार के अर्थ में लेते हैं। उपवास एक प्रकार की शक्ति है जिसके बल से जहां रोगों को दूर कर सेहतमंद रहा जा सकता है, वहीं इसके माध्यम से सिद्धि और समृद्धि भी हासिल की जा सकती है। उपवास के अभ्यास से व्यक्ति कई-कई महीनों तक भूख और प्यास से मुक्त रह सकता है। 

आप समझते हैं कि भोजन न करना ही उपवास या व्रत है तो आपकी यह समझ अधूरी है।

उपवास या व्रत का अर्थ बहुत व्यापक है। शास्त्रों में मुख्यत‍: 4 तरह के व्रत और 13 तरह के उपवास बताए गए हैं। बहुत से तपस्वी अपने तप की शुरुआत उपवास से ही करते हैं। 
 
 व्रत और उपवास क्या है????

संकल्पपूर्वक किए गए कर्म को व्रत कहते हैं। किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दिनभर के लिए अन्न या जल या अन्य तरह के भोजन या इन सबका त्याग व्रत कहलाता है। व्रत धर्म का साधन माना गया है। उपवास का अर्थ होता है ऊपर वाले का मन में निवास। उपवास को व्रत का अंग भी माना गया है।

आपकी सेवा में समर्पित हमेशा की तरह यह लेख आपके जीवन में खुशहाली लेकर आए इसी कामना के साथ धन्यवाद !!

Astrolok is one of the famous astrology institute based in Indore where you can learn vedic astrology, marriage astrology, nadi astrology,horoscope matching through live vedic astrology classes. It is a free platform to write astrology articles. Become a part of it by registering at https://www.astrolok.in/index.php/welcome/register

comments

Leave a reply